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Language: Hindi
يَا أَيُّهَا النَّاسُ لَا تَتَمَنَّوْا لِقَاءَ الْعَدُوِّ وَسَلُوْا اللَّهَ الْعَافِيَةَ، فَإِذَا لَقِيْتُمُوْهُمْ فَاصْبِرُوْا، وَاعْلَمُوْا أَنَّ الْجَنَّةَ تَحْتَ ظِلَالِ السُّيُوفِ.
या अय्युहन-नास, ला ततमन्नौ लिक़ा-अल-अदुय्यि व स-लुल्लाहल-आफ़ियह, फ़-इज़ा लक़ी-तुलूहुम फ़स-बिरू वा-लमू अन्नल-जन्नता तहता ज़िलालिस-सुयूफ़.
ऐ लोगों! दुश्मन से मुकाबले की तमन्ना न करो और अल्लाह से आफियत (सलामती) मांगो। लेकिन जब उनसे मुकाबला हो जाए तो सब्र करो और जान लो कि जन्नत तलवारों के साये में है।
Reference: बुख़ारी: २९६६