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Language: Hindi
إِنَّا إِذَا نَزَلْنَا بِسَاحَةِ قَوْمٍ فَسَاءَ صَبَاحُ الْمُنْذَرِيْنَ
इन्ना इज़ा नज़लना बि-साहति क़ौम, फ़-सा-अ सबाहुल-मुन्ज़रीन.
बेशक जब हम किसी कौम के मैदान में उतरते हैं (हमले के लिए), तो डराए हुए लोगों की सुबह बहुत बुरी होती है।
Reference: बुख़ारी: ४१९७