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Language: Hindi
اَلْحَمْدُ لِلَّهِ رَبِّ الْعَالَمِينَ الرَّحْمَٰنِ الرَّحِيمِ مَالِكِ يَوْمِ الدِّينِ لَا إِلٰهَ إِلَّا اللَّهُ يَفْعَلُ مَا يُرِيْدُ اَللَّهُمَّ أَنْتَ اللَّهُ لَا إِلٰهَ إِلَّا أَنْتَ الْغَنِيُّ وَنَحْنُ الْفُقَرَاءُ أَنْزِلْ عَلَيْنَا الْغَيْثَ وَاجْعَلْ مَا أَنْزَلْتَ لَنَا قُوَّةً وَّبَلَاغًا إِلٰى حِيْنٍ.
अल्हमदु लिल्लाहि रब्बिल-आलमीन, अर-रहमानिर-रहीम, मलिकि यौमिद-दीन, ला इलाहा इल्लल्लाहु यफ़-अलु मा युरीद. अल्लाहुम्मा अन्तल्लाहु ला इलाहा इल्ला अन्तल-ग़निय्यु व नहनुल-फुक़रा, अन्ज़िल अलैनाल-ग़ैसा, वज-अल् मा अन्ज़लता लना कुव्वतंव-व बलाग़न इला हीन.
सब तारीफें अल्लाह के लिए हैं जो जहानों का रब है, बड़ा मेहरबान और निहायत रहम वाला है, कयामत के दिन का मालिक है। अल्लाह के सिवा कोई माबूद नहीं, वह जो चाहता है करता है। ऐ अल्लाह तू ही अल्लाह है, तेरे सिवा कोई माबूद नहीं, तू गनी है और हम फकीर (मोहताज) हैं। हम पर बारिश नाज़िल फरमा और जो तू नाज़िल करे उसे हमारे लिए कुव्वत और एक मुद्दत तक पहुँचने (गुज़ारे) का ज़रिया बना।
Reference: हसन. अबू दाऊद: ११७३