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Language: Hindi
اَللَّهُمَّ أَحْيِنِيْ مَا كَانَتِ الْحَيَاةُ خَيْرًا لِّيْ، وَتَوَفَّنِيْ إِذَا كَانَتِ الْوَفَاةُ خَيْرًا لِّيْ
अल्लाहुम्मा अहयिनी मा कानतिल-हयातु ख़ैरल-ली, व तवफ़्फ़नी इज़ा कानतिल-वफ़ातु ख़ैरल-ली.
ऐ अल्लाह! मुझे उस वक्त तक ज़िंदा रख जब तक ज़िंदगी मेरे लिए बेहतर हो, और मुझे उस वक्त मौत दे जब मौत मेरे लिए बेहतर हो।
Reference: बुख़ारी: ५६७१