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Language: Hindi
اَللَّهُمَّ لَا عَيْشَ إِلَّا عَيْشُ الآخِرَه فَاغْفِرْ لِلْمُهَاجِرِينَ وَالْأَنْصَارِ
अल्लाहुम्मा ला अइश इल्ला अइशुल-आखिरह, फ़ग़-फिर लिल-मुहाजिरीना वल-अंसार.
ऐ अल्लाह, आखिरत की ज़िंदगी के सिवा कोई (हकीकी) ज़िंदगी नहीं, तो मुहाजिरीन और अंसार को बख्श दे।
Reference: मुस्लिम: १८०५