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Language: Hindi
اَللَّهُمَّ اغْفِرْ لِي خَطِيْئَتِي وَجَهْلِي، وَإِسْرَافِي فِي أَمْرِي، وَمَا أَنْتَ أَعْلَمُ بِهِ مِنِّي، اَللَّهُمَّ اغْفِرْ لِي هَزْلِي وَجِدِّي وَخَطَايَايَ وَعَمْدِي، وَكُلُّ ذَلِكَ عِنْدِي
अल्लाहुम्मग़-फ़िर ली ख़ती-अती व जहली, व इसराफ़ी फ़ी अमरी, व मा अन्त अ-लमु बिही मिन्नी. अल्लाहुम्मग़-फ़िर ली हज़ली व जिद्दी व ख़तायाया व अमदी, व कुल्लु ज़ालिका इन्दी.
ऐ अल्लाह, मेरी खतायें और मेरी जहालत (नादानी), मेरे मामले में मेरी ज़्यादती, और वह (गुनाह) जो तू मुझसे बेहतर जानता है, सब माफ कर दे। ऐ अल्लाह, मेरे मज़ाक और मेरी संजीदगी, मेरी गलतियों और मेरे इरादतन (गुनाहों) को माफ कर दे, और ये सब मेरे अंदर मौजूद हैं।
Reference: बुख़ारी: ६३९९